BMC ने 6 साल में सड़कों पर खर्च किया ₹8,800 करोड़, फ़िर भी सड़कों का खस्ताहाल

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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC)1,950 किलोमीटर रोड नेटवर्क को मेंटेन कर रही है। आप जिस सड़क का इस्तेमाल कर रहे हैं उसके लिए साल 2012 से लेकर 2018 तक इस सिविक बॉडी ने ₹8,864.23 करोड़ ख़र्च किया है। गड्ढों और बदहाल सड़कों से गुजरते हुए इस ख़र्च को लेकर आपके दिमाग़ में सवाल उठना लाजिमी है। सड़कों की हालत ऐसी तो आख़िर इतना पैसा गया कहाँ?

मुंबई के मुकाबले अच्छी स्थिति में हैं दिल्ली की सड़कें

दिल्ली में 29,000 किलोमीटर से भी बड़ा रोड नेटवर्क है। चार एजेंसियां मिलकर इसका रखरखाव करती हैं। पिछले तीन सालों में इन एजेंसियों ने ₹4267.68 करोड़ ख़र्च किया है। इस हिसाब से सालाना ख़र्च लगभग ₹14,00 करोड़ के ऊपर आता है। मुंबई भी लगभग सड़कों पर सालाना इतना ही ख़र्च करती है। मग़र दिल्ली के रोड नेटवर्क से कहीं छोटा है मुंबई का रोड नेटवर्क, बावजूद इसके औसतन दिल्ली की सड़कें मुंबई के मुकाबले अच्छी स्थिति में हैं।

₹9,000 करोड़ के ख़र्च को हल्के में नहीं ले सकते

एक सिटी एक्टिविस्ट का कहना है कि, “मुझे समझ नहीं आता कि कैसे देश की सबसे अमीर सिविक बॉडी ने रोड कंस्ट्रक्शन के लिए सही मेथड का इस्तेमाल नहीं किया। हमारी ज्यादातर सड़कें बुरी हालत में हैं। ₹9,000 करोड़ के करीब ख़र्च को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह धनराशि कई स्थानीय सरकारी निकायों के बजट से भी ज़्यादा है।” हर साल BMC सड़कों की मरम्मत और रिकंस्ट्रक्शन करवाती है।

अत्यधिक वाहन यातयात लोड और ट्रेंचिंग से ख़राब हो रही हैं सड़कें

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, इसने अप्रैल 2012 से लेकर मार्च 2018 तक रोड रिपेयर और रिकंस्ट्रक्शन के लिए ₹13,000 करोड़ आवंटित किए थे। अर्बन डिज़ाइन रिसर्च इंस्टीट्यूट के एग्जेक्युटिव डायरेक्टर पंकज जोशी के मुताबिक़, यह समझने वाली बात है कि अत्यधिक वाहन यातयात लोड और ट्रेंचिंग की वज़ह से ख़राब पैच बन गए हैं। तब ऐसे सड़कों का निर्माण क्यों नहीं किया जाता जो इन परिस्थितियों के लिए सूटेबल हों?

एक नज़र साल 2012 से लेकर साल 2018 तक ख़र्च किए गए पैसे पर

● साल 2012-13, डामर सड़क(Asphalt Road) पर ₹701.35 करोड़ तथा कंक्रीट की सड़क पर ₹395.48 करोड़, ट्रैफिक जंक्सन पर ₹6.33 करोड़ रुपये कुल मिलाकर ₹1103.16 करोड़ ख़र्च हुए।

● साल 2013-14, डामर सड़क(Asphalt Road) पर ₹545.68 करोड़ तथा कंक्रीट की सड़क पर ₹467.51 करोड़, ट्रैफिक जंक्सन पर ₹5.72 करोड़ कुल मिलाकर ₹1018.91 करोड़ ख़र्च हुए।

● साल 2014-15, डामर सड़क(Asphalt Road) पर ₹1442.1 करोड़ तथा कंक्रीट की सड़क पर ₹846.51 करोड़, ट्रैफिक जंक्सन पर ₹25.92 करोड़ कुल मिलाकर ₹2314.53 करोड़ ख़र्च हुए।

● साल 2015-16, डामर सड़क(Asphalt Road) पर ₹1373.63 करोड़ तथा कंक्रीट की सड़क पर ₹1043.17 करोड़, ट्रैफिक जंक्सन पर ₹32.83 करोड़ कुल मिलाकर ₹2449.63 करोड़ ख़र्च हुए।

● साल 2016-17, डामर सड़क(Asphalt Road) पर ₹460.68 करोड़ तथा कंक्रीट की सड़क पर ₹303.94 करोड़, ट्रैफिक जंक्सन पर ₹35.38 करोड़ कुल मिलाकर ₹800 करोड़ ख़र्च हुए।

● साल 2017-18, डामर सड़क(Asphalt Road) पर ₹651.62 करोड़ तथा कंक्रीट की सड़क पर ₹482 करोड़, ट्रैफिक जंक्सन पर ₹44.38 करोड़ कुल मिलाकर ₹1178 करोड़ ख़र्च हुए।

जानकारों की मानें तो BMC रोड कंस्ट्रक्शन के मामले में अभी भी ग़लती कर रही है। मानसून में होने वाली भारी बारिश को देखते हुए डामर की सड़कें मुंबई के लिए सही नहीं हैं। हालांकि, BMC ने कई डामर सड़कों को कंक्रीट सड़कों में बदलने का काम शुरू किया है।

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