44 साल पुराना इतिहास दोहराने से चूक गई भारतीय महिला हॉकी टीम

162

44 साल पुराना इतिहास दोहराने से चूक गई भारतीय महिला हॉकी टीम

महिला हॉकी विश्वकप से भारत के लिए दिल तोड़ने वाली खबर आई है। 44 पुराने इतिहास को दोहराने से महज एक जीत दूर भारतीय महिला हॉकी टीम के सपने को आयरलैंड की टीम ने पेनाल्टी शूटआउट में 3-1 से चकनाचूर कर दिया। अगर भारतीय महिला हॉकी टीम किसी तरह आयरलैंड को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पस्त करने में कामयाब हो जाती तो उसे 44 साल बाद महिला हॉकी विश्वकप के सेमीफाइनल में खेलने का मौका मिल जाता।

लेकिन गुरुवार देर रात महिला हॉकी विश्वकप के सेमीफाइनल मुकाबले के टिकट के लिए लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में हुए भिड़ंत में आयरलैंड ने भारत को पेनाल्टी शूटआउट में पटखनी दे दी। और इस तरह एक बार फिर भारतीय महिला हॉकी टीम महिला हॉकी विश्वकप का सेमीफाइनल खेलते-खेलते रह गई। आखिरी बार 1974 में सेमीफाइनल खेलने वाली महिला हॉकी टीम को अब इस तरह के दूसरे मौके के लिए अगले महिला हॉकी विश्वकप तक का इंतजार करना पड़ेगा। भारतीय महिला हॉकी टीम. भारतीय महिला हॉकी टीम. भारतीय महिला हॉकी टीम

भारत यह मुकाबला हार गया इसका यह मतलब नही की उसने शानदार प्रदर्शन नही किया। एक टीम के रूप में भारतीय महिला हॉकी टीम ने आला दर्जे का प्रदर्शन किया। अगर भारतीय महिला हॉकी टीम कोई नही गोल करने में नाकामयाब रही तो उसने भी आयरलैंड जैसी टीम को एक भी गोल करने का मौका नही दिया। दोनों ही टीम शुरु से ही सुरक्षात्मक ढंग से खेलती रही। दोनों टीमों ने अपना ज्यादा से ज्यादा समय अपने ही हाफ में रहकर गुजारा। नतीजन चौथे क्वार्टर के खत्म हो जाने के बाद भी दोनों में से कोई भी टीम एक भी गोल नही कर पाई।

इसलिए नतीजे के लिए अंत में पेनाल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया। जहां दुर्भाग्य से भारतीय टीम आयरलैंड के आगे उन्नीस साबित हुई। पहले दो प्रयास में नाकामयाब रहने वाली आयरलैंड के लिए अपटन रोइसन, मीके एलिसन और वाटकिंस चोले ने आखिरी तीन प्रयासों में कुल तीन गोल कर दिए। वहीं भारत के लिए एक मात्र गोल रीना खोखर की तरफ से आया। नदरअसल,आयरलैंड की गोलकीपर आयेशा मैक्फारेन किसी अभेद दीवार की तरह भारतीय खिलाड़ियों के सामने खड़ी रहीं। और भारत यह मुकाबला पेनाल्टी शूटआउट में आकर 1-3 से हार गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here