19 वर्षीय लड़के ने माँ-बाप और बहन को चाकू और कैची से 30 बार गोदकर मौत के घाट उतारा

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हर माँ-बाप का यह सपना होता है कि उसके बच्चे पढ़-लिखकर अपनें पैरों पर खड़े हो जाए। इसके लिए वह उसे प्यार से समझाते भी है और बार-बार समझाने के बावजूद ना मानने पर कभी-कभार डांट-फटकार भी देते हैं। अपने बच्चों को लेकर इस सपने के अलावा हर माँ-बाप के मन में एक डर भी होता है। डर- अपने बच्चों का गलत संगत में पड़कर बिगड़ जाने का। तो बच्चों से जुड़े इसी सपने और डर के चलते कई बार माँ-बाप को अपने कलेजे के टुकड़े के साथ थोड़ी सख्ती से भी पेश आना पड़ता है। लेकिन अफ़सोस कि दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में रहने वाले एक माँ-बाप को अपने बच्चे पर यही जरुरी सख्ती बहुत भरी पड़ गई। वसंत कुंज के किशनगढ़ गांव में रहने वाले एक लड़के ने अपने ही माँ-बाप और बहन की रोक-टोक से परेशान होकर उनकी चाकू और कैंची से गोदकर हत्या कर दी।
Image result for सूरज ने माँ बाप और बहन को चाकुओं से गोदाप्राप्त जानकारी के मुताबिक वसंत कुंज के किशनगढ़ गांव में रहने वाला एक परिवार अपने लड़के 19 वर्षीय सूरज  को लेकर बहुत चिंतित रहता था। दरअसल, सूरज के पिता मिथलेश को इस बात की भनक लग गई थी कि उनका लड़का गलत संगत में आकर गलत रास्ते पर चलने लगा है। प्यार और मार दोनों ही तरीकों से समझाने के बावजूद सूरज अपनी आदतों से बाज़ नहीं आ रहा था। सूरज अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से एकदम आजाद होकर जीना चाहता था और उसके माँ-बाप सूरज बिगड़ न जाए इस चिंता में उसे हमेशा गलत चीजे करने से रोकते-टोकते रहते थे। घरवालों के इन्हीं नोक-झोंक से परेशान होकर उसने अपने माँ-बाप और बहन इन तीनों को रात करीब तीन बजे चाकू और कैंची से गोदकर बड़ी ही बेरहमी से मार डाला। सूरज ने बिल्कुल पेशेवर अपराधी की तरह इस घटना को अंजाम दिया
Image result for सूरज ने माँ बाप और बहन को चाकुओं से गोदामामले की जाँच कर रहे साउथ-वेस्ट जिले के डीसीपी देवेंद्र आर्य का कहना है कि आरोपी सूरज ने बताया कि उसने और उसके आठ-दस दोस्तों ने (जिसमें कुछ लड़कियां भी शामिल थीं) ने मिलकर महरौली में एक फ्लैट किराए पर ले रखा था। किराए के रूप में हर दोस्त 500 से 700 रुपये मकान मालिक को देता था। यहां ये सब दोस्त अपनी तरह से आजादी की जिंदगी जीते थे। हालांकि, पुलिस ने यह नहीं कहा है कि ये लोग यहां अय्याशी और नशा करते थे लेकिन कथित आजादी वाली जिंदगी जीने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, सूरज के पिता सूरज के रोज-रोज देरी से घर आने का विरोध करते थ, जिससे सूरज चिढ़ने लगा था। उसने अपने पिता से कहा भी था कि उसे उसके हिसाब से आजादी वाली जिंदगी जीने दें।
Image result for सूरज ने माँ बाप और बहन को चाकुओं से गोदापुलिस का कहना है कि अपने माता-पिता और बहन को सूरज ने अकेले ही मारा। घर में कोई लूट नहीं हुई। वारदात की रात सोने तक सब कुछ सामान्य रहा। सभी ने साथ-साथ खाना खाया। इसके बाद सूरज माता-पिता और बहन के सोने का इंतजार करता रहा। जब सभी सो गए तो उसने देर रात करीब 3 बजे पहले अपने पिता को मारा। फिर मां पर वार किया। इसी दौरान बहन नेहा जग गई। उसने शोर मचाना चाहा तो उसे चाकू से गोद डाला। यहां मां बेटी को बचाने आईं तो मां पर भी चाकू के ताबड़तोड़ वार कर डाले। इसके बाद तीनों पर कैंची से भी वार किए। इस घटना के बाद सूरज ने अपने पड़ोसियों को परिवार वालों की हत्या का इल्जाम दो कथित लुटेरों पर लगाया। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो सूरज ने हत्या की बात कबूल ली।
~ रोशन ‘सास्तिक’

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