सावधान! मनुष्यों के बीच आए वैम्पायर (Vampire), पी रहे हैं खून।

386

सावधान! मनुष्यों के बीच आए वैम्पायर (Vampire), पी रहे हैं खून।

आपने वैम्पायर(Vampire) का नाम सुना होगा जो खून पीते थे। मगर अब हम आपको एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल, अब वो वैम्पायर (Vampire) मनुष्यों के बीच आ चुके हैं और खून पी रहे हैं। आज ऐसे कई लोग हैं जो खून पीने के आदती हो गए हैं। चाहे वो इंसान का हो, जानवर का हो या फिर दोनों का। ऐसे लोग हेमाटोमानिया (Haematomania) से पीड़ित होते हैं। इसका मतलब होता है कि खून पीना उनकी मजबूरी बन जाती है।

दुनिया में खून पीने वाले दो तरह के लोग होते हैं। पहला होते हैं Sanguinarians या वास्तविक पिशाच, जिन्हें जीवित रहने के लिए खून पीने की जरूरत पड़ती है या यूँ कह लें कि यह जीवन की आधारभूत शक्ति होती है। दूसरे, वो लाइफ़ स्टाइल वाले पिशाच होते हैं। इसमें वो लोग आते हैं जो खून पीने की परंपरा में शामिल हैं मगर यह उनकी मजबूरी नहीं होती।

खून पीने वाले कुछ लोग

साल 2013 में तुर्की में एक मामला सामने आया जिसमें एक आदमी ने खून पीना अपनी मज़बूरी बताई। यह उतना ही जरूरी था जितना कि सांस लेना। उसने अपने छाती, भुजाओं और पेट पर रेजर से काटकर पीने के लिए खून इकट्ठा किया था। इस तरह के अन्य मामलों का भी खुलासा ‘My Strange Addiction’ शो के जरिए हुआ। यहां मिशेल नामक एक महिला ने यह स्वीकार किया कि उसने रोजाना सुअर का एक लीटर खून पीया अन्यथा वह अच्छे मूड में न रह पाती।

उपचार की भाषा में इस पिशाची कृत्य की समस्या नाम मात्र है लेकिन यह एक विकार के तौर पर जाना जाता है। इसे Renfield’s Syndrome का नाम दिया गया है, और इसे खून पीने के मजबूरन जरूरत के तौर पर परिभाषित किया गया है। हालांकि, इस विकार पर ज्यादा शोध नहीं हुआ है।

कारण की बात करें तो, दुर्लभ शोधों की वजह से अब तक इस विकार के लक्षणों के लिए प्रभावी मनोवेग के बारे में कोई निश्चित कारण नहीं पता चल पाया है। कुछ Sanguinarians के मुताबिक, खून पीने की आवश्यकता मनोदैहिक है, मतलब यह शारिरीक जरूरत के अपेक्षा मानसिक जरूरतों से प्रेरित है।

 

कितना सुरक्षित है खून पीना?

मेडिकल अध्ययन कहता है कि एक निश्चित मात्रा तक रक्त पीना आपके शरीर द्वारा स्वीकार किया जा सकता है। हालांकि, खून रोग मुक्त होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति कुछ ढक्कन से ज्यादा खून पीता है तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसा दो वजहों से होता है। पहला, यह कि हमारे शरीर में खून को पचाने की कोई प्रणाली नहीं है। दूसरा, हमारा शरीर पिए हुए खून से अत्यधिक आयरन को अवशोषित कर सकता है जिससे आयरन ओवरलोड या हेमोक्रोमैटोसिस की स्थिति पैदा हो सकती है। यह स्थिति आगे डायबिटीज, लीवर और हार्ट की समस्या, अग्नाशय जैसी समस्याओं का रूप धारण कर सकती है।

क्या हो जब कोई ख़ुद का खून पिए

कई ऐसे लोग हैं जो खुद का खून पीते हैं। हालांकि, खतरा तब भी बरकरार रहता है। यदि आप कुछ बूंद से ज्यादा खून पीते हैं तो यह संभव है कि आप उल्टी और नफ़रत करने लगेंगे। खून पीने से आप हेमोक्रोमैटोसिस के शिकार हो सकते हैं।

जानवर का खून!

कुछ लोग जानवरों का भी खून पीते हैं। यद्यपि यह मनुष्य का खून पीने से कम खतरनाक हो सकता है फिर भी इसमें बैक्टीरिया के होने की संभावनाएं ज़्यादा होती हैं। अगर आप इसका भारी मात्रा में सेवन करते हैं तो संभव है कि आप उपरोक्त बीमारियों और संक्रमण के समस्याओं की चपेट में आ सकते हैं।

क्या कहता है कानून?

कानून कहता है कि खून पीना दंडनीय और अवैध है। दंड इस बात पर निर्भर करता है कि आप कहां रहते हैं। हालांकि, भारत में इस विषय को लेकर अभी तक कोई कानून परिभाषित नहीं हुआ है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here