मुंबई में अगले 315 दिनों के लिए इकट्ठा हो चुका है पानी, नहीं होगी पानी की किल्लत

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इस बार मुंबई और आसपास के इलाकों में हुई अच्छी बारिश की वजह से मुंबईकरों के लिए एक खुशखबरी है। मुंबई को पानी देने वाली 7 झीलें 83 फीसदी तक भरी हुई हैं। इसका मतलब यह हुआ कि अगले 315 दिनों तक के लिए पानी का बंदोबस्त हो चुका है। शहर में पानी की किल्लत के बगैर आरामदायक गर्मी गुजारने के लिए मानसून की समाप्ति तक 365 दिनों का वॉटर स्टॉक होना जरूरी है। मुंबई को रोजाना 4,200 मिलियन लीटर पानी के सप्लाई की जरूरत पड़ती है। इसमें से 3,800 मिलियन लीटर की सप्लाई बृहन्मुंबई महानगरपालिका देती है।

इस मानसून सीजन में सभी सातों झीलों में हुई है 13,863 mmm बारिश

मुंबई को 7 झीलों विहार, तुलसी, भटासा, मध्य वैतरना, ऊपरी वैतरना, तंसा और मोडक साग़र झील से पानी की आपूर्ति होती है। ये सभी झील ठाणे और नासिक जिलों में स्थित हैं। तुलसी और विहार झील संजय गांधी नेशनल पार्क में स्थित हैं। इस मानसून सीजन में सभी सातों झीलों में 13,863 mmm वर्षा हुई है। जून महीने में मानसून के शुरुआत में ये झीलें 14.87% भरी हुई थीं। मग़र इन झीलों के आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश की वज़ह से जुलाई के शुरूआत में ही इन झीलों में पानी का बहाव बढ़ गया।

अबाधित जलापूर्ति के लिए मानसून के अंत तक 14.47 लाख मिलियन लीटर पानी की है आवश्यकता

भटासा झील शहर के 50 फ़ीसदी जल की जरूरत को पूरी करता है। इस झील की स्थिति ऐसी है कि इसमें पानी ओवरफ्लो के लेवल से 6.14 मीटर कम है। सोमवार को लिए वॉटर स्टॉक की मात्रा 12,05,597 मिलियन लीटर थी। जबकि पिछले साल 15 जुलाई तक यह मात्रा 12,51,102 मिलियन लीटर थी। अबाधित जल आपूर्ति के लिए शहर को इस मानसून के अंत तक 14.47 लाख मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता है। पिछले तीन साल में पानी का सबसे कम लेवल 2016 में था जब मानसून के एक महीने में पानी का लेवल 9,58,426 मिलियन लीटर था। जिसकी वजह से आने वाले महीनों में शहर को 20% जल आपूर्ति की कटौती झेलनी पड़ी थी।

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