मार्वे बीच, जुहू बीच, गिरगाव चौपाटी ,अर्नाला बीच, सिल्वर बीच

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अपनी अनोखी दास्ताँ के लिए मशहूर मुंबई समुद्री तटों का राजा है। यहाँ आपको एक से बढ़कर एक समुद्री किनारे मिल जायेंगे जहाँ जाने के बाद इन किनारों पर आती जाती लहरें आपके दिल में यादों की लहर पैदा कर देंगी। आइये कुछ ऐसे ही किनारों का सैर करते हैं जहाँ सैर करने की चाहत हर किसीको  होती है।  प्रकृति का ऐसा खूबसूरत नजारा जो आपको यह कहने पर मजबूर कर देगा कि वाह क्या नजारा है दिल बाग़ बाग़ हो गया। जिंदगी में सैर का असली मजा तो जवानी में ही आता है। तो देर किस बात की चलिए अब सैर की दुनिया में….
सैर कर दुनिया की गाफिल ये जिंदगानी फिर कहाँ , जिंदगी गर रही तो ये जवानी फिर कहाँ 

१.मार्वे बीच (मालाड) पहाड़ों से घिरा यह समुद्री किनारा बड़ा ही खूबसूरसत है। यहाँ सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखते ही बनता है। एक प्राचीन पुर्तगाली चर्च  और काजू का बगीचा इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा देता है। जिंदगी की व्यस्तता से ऊब चुके लोग अपने दिल को बहलाने के लिए इस मनोरम स्थल पर आकर सुकून पाते हैं। यह किनारा एस्सेल वर्ल्ड और मध द्वीप को मुंबई से  जोड़ने का काम करता है। इसके अपने दो सम्बन्धी हैं गोराई बीच और मनोरी बीच। नौकायन का लुत्फ़ उठाने का मौका भी मिलता है । अक्सर लोग पिकनिक के लिए इस जगह का चयन करते हैं । यहाँ किसी भी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं लगता। यहाँ पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। खाने पीने की चीजें भी उयलब्ध हैं। इस जगह पर पर्यटकों की संख्या कम देखी जाती है जिसकी वजह से यहाँ गन्दगी कम पायी जाती है। इसे ‘मिनी गोवा; के नाम से भी जाना जाता है। मुंबई के उत्तरी छोर पर ४० किलोमीटर की दूरी पर बसे  इस समुद्री किनारे पर चांदनी रात में फैली छटा निहारने लायक होती है।

२ जुहू बीच दादर बस स्टैंड से महज १५ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह बीच काफी आकर्षक है। मुंबई के पश्चिमी उपनगर में स्थित यह बीच फिल्म शूटिंग और जानी-मानी हस्तियों के निवास स्थान के लिए प्रसिद्ध है। भारतीय बीचों में से एक जुहू बीच मुंबई का चहेता बीच है। विले-पार्ले में स्थित यह बीच लोगों को आसानी से अपनी तरफ आकर्षित कर लेता है। यहाँ भारी तादाद में पर्यटक आते हैं। यह बीच अपने स्वादिष्ट स्ट्रीट फ़ूड के लिए प्रसिद्ध है। बीच के दक्षिणी किनारे पर घर और होटल मौजूद हैं। यहाँ सूर्यास्त का नजारा कुछ अलग ही होता है। इस नज़ारे को देखने के लिए लोग सुबह से शाम होने का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। ढलता हुआ सूरज अपनी लालिमा से लोगों को मंत्रमुग्ध कर देता है।  इसके उत्तरी किनारे पर गांधी ग्राम मौजूद है जहाँ बच्चे गर्मी की छुट्टियों में बास्केटबाल, क्रिकेट और फूटबाल खेलते हैं। यहाँ मिलने वाली ‘पानी-पुरी’, ‘भेलपुरी’ और पाव-भाजी पर्यटकों के लिए खास व्यंजन है। यहां अक्टूबर से फरवरी तक का महीना पर्यटन के लिए अच्छा माना जाता है। मानसून सीजन में यहां आना खतरे से खाली नहीं होता क्योंकि यह वही समय होता है जब समुद्र की लहरें अपने उफान पर होती हैं।
३. गिरगाव चौपाटी मुंबई के प्रसिद्ध समुद्री किनारों  में से एक यह किनारा गणेश विसर्जन के लिए जाना जाता है। यहां मुंबई और पुणे से हजारों लाखों लोग अरेबियन-सी में भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जन के लिए आते हैं। यहां रामलीला भी मनाया जाता है।  रामलीला कार्यक्रम के १०वें दिन बालू पर रावण का पुतला भी जलाया जाता है। आपको किनारे पर भेल-पुरी, पानी-पुरी, रगड़ा-पेटिस और पाव-भाजी का स्टाल भी मिल जायेगा। यह वही जगह है जहां से कुख्यात आतंकी अजमल कसाब को गिरफ्तार किया गया था। यहाँ आने के बाद अगर आपको तैराकी का ख़याल आये जरा ठहर जाइए। यहां का पानी गन्दा होता है इसलिए इस पानी में तैराकी से बचना चाहिए।
४. अर्नाला बीच विरार रेलवे स्टेशन से लगभग ९ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह बीच वसई तालुका का प्रसिद्ध बीच है। यह विरार के पश्चिमी हिस्से में आता है। आप विरार पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास से रिक्शा, और लोकल बस से भी जा सकते हैं। आखिरी बस स्टॉप से कुछ दूर पैदल चलने के बाद आपको लम्बे लम्बे नारियल के वृक्षों से ढका अर्नाला बीच दिखने लगेगा। भेलपुरी और गोला यहाँ लोग बड़े चाव से खाते हैं। आनंद रिसोर्ट, सागर रिसोर्ट, सी बीच रिसोर्ट , एल डी रिसोर्ट, अर्नाला सी लार्ड रिसोर्ट और अन्य रिसोर्ट इस बीच की खूबियाँ हैं जो आपको अपने तरफ आकर्षित करेंगी। दूर से देखने में तो इस बीच की जलधाराएं अच्छी दिखती हैं मगर ये अक्सर जानलेवा साबित होती हैं। इसलिए थोड़ी सी सावधानी से आप अपने  पर्यटन के इस मजे को दोगुना कर सकते हैं।
 ५.  सिल्वर बीच साफ़ सुथरा यह बीच मर्व के आखिरी छोर पर पड़ता है। ८० व ९० के दशक में फिल्म शूटिंग और विज्ञापन शूटिंग के लिए यह जगह  काफी इस्तेमाल होता था। यहाँ पर कई आलिशान बंगले हैं जो फिल्म शूटिंग के लिए किराये पर उपलब्ध हो जाते हैं। आप वर्सोवा बीच के रास्ते नाव से सफर करते हुए यहाँ पहुँच सकते हैं। बीच के आखिरी छोर पर ऐतिहासिक मध किला भी है। साथ ही कुछ हिन्दू मंदिर भी हैं।  यहाँ काली माता का ‘प्रभात काली बाड़ी’ मंदिर और  भगवान शिव का ‘किलेस्वर महादेव मंदिर’ भी मौजूद है। मालाड रेलवे स्टेशन से १४ किलोमीटर की दुरी पर स्थित यह बीच अपने पर्यटकों के जहन में अमिट छाप छोड़ता है। मर्व बीच से इसकी दुरी लगभग साढ़े सात किलोमीटर है। यह इलाका मछुआरों का खास इलाका है। अँधेरी के जुहू बीच के बाद व्यस्तता के मामले में इसी बीच का नाम आता है। ठंडी हवाएं और लहराती नावें आपके दिल में भी लहर पैदा कर देंगी। खुशनुमा मिजाज ऊपर से ये प्राकृतिक छटाएं, गजब का माहौल बनता है।  t

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