भूखे को रोटी देने का काम कर रहे हैं बेंगलुरू के सामुदायिक फ्रिज

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कौन-सा दान महादान है इसको लेकर दावे तो सबके अपने-अपने है लेकिन किसी के पास इसका कोई कॉपीराइट नही है। हालांकि, अन्नदान के कथित महादान की सूची में शीर्ष पर होने से कोई इनकार नही करेगा। क्योंकि भूखे व्यक्ति के पेट की आग को शांत कराने से ज्यादा मानवीय काम और कुछ भी नही। तो ऐसा ही कुछ पुण्य का काम कर्नाटक में आजकल बेंगलुरु के बीटीएम लेआउट, ब्रुकफील्ड्स, इंदिरा नगर, कोरमंगला और बेंसन टाउन जैसे इलाकों में किया जा रहा है।
आज जब ज्यादातर लोगों के जिंदगी की लड़ाई अपने ही पेट को पालने में गुजर जाती है। तब ऐसे समय में दूसरे की भूख को शांत करने का जिम्मा उठाने वाले लोगों का महत्व बढ़ जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बेंगलुरु के लोगों ने शहर में भूखे पेट सोने को मजबूर लोगों के लिए एक अनूठा इंतजाम किया गया है। बेटीएम लेआउट, ब्रुकफील्ड, इंदिरा नगर, कोरमंगला और बेंसन टाउन इन इलाकों में स्थानीय लोगों द्वारा सामुदायिक फ्रिज लगाए गए हैं।
अपने स्तर पर स्थानीय लोग अपने घर में बना खाना इस सामुदायिक फ्रिज में लाकर रख देते हैं। इसके बाद भूखे, गरीब और जरूरतमंद लोगों को जब खाने की जरूरत महसूस होती है वो अपनी सुविधानुसार सामुदायिक फ्रिज से खाना निकालकर खा लेते है। गरीब लोगों के लिए भगवान का वरदान साबित हो रहे इस सामुदायिक फ्रिज की शुरुआत पिछले साल नंवबर में ईसा फातिमा जैस्मिन नाम की एक महिला ने बीटीएम लेआउट इलाके से की थी। ईसा की इस पहल को लोगों ने सराहा भी और इसमे उनका साथ भी दिया।
ईसा फातिमा इसकी शुरुआत घर में बना खाना आसपास के लोगों में बांटने से किया। जिसके बाद लोगों द्वारा उन्हें सामुदायिक फ्रिज लगाने का ख्याल सुझाया गया। ईसा फातिमा जैस्मिन कहती हैं कि हर रोज सुबह सात बजे से लेकर देर शाम नौ बजे तक ये फ्रिज करीब 400 गरीबों का पेट भरते हैं। ईसा के इस पहल को पहले स्थानीय लोगों द्वारा सहयोग दिया गया और फिर शहर के कई नामी गिरामी रेस्टोरेंट ने भी समुदायिक फ्रिज के लिए अपनी तरफ से मदद का हाथ बढ़ाया।

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