बिंदी लगाकर और दुपट्टा ओढ़कर गौतम गंभीर ने एक बार फिर जीता भारतीयों का दिल

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जब गौतम गंभीर ने अंर्तराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था, तब हम सबकों यह लगा था कि समय की धूल के चलते हमारे जेहन से गौतम गंभीर का नाम एक न एक दिन जरूर गायब हो जाएगा। लेकिन इतना तय था कि भारत के क्रिकेट प्रेमी कभी भी उनके द्वारा 2007 टी-ट्वेंटी वर्ल्डकप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ बनाए गए 75 रन और 2011 एकदिवसीय क्रिकेट वर्ल्डकप फाइनल में श्रीलंका के विरुद्ध खेली गई 97 रन की पारी को नही भूलेंगे। लेकिन ऐसा हुआ नही। ना हम गंभीर की उन दो पारियों को ही भूल पाए और ना ही स्वयं गौतम गंभीर को।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भले ही गौतम गंभीर ने अपने बल्ले से भले हमें खुश करना छोड़ दिया, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विभिन्न विषयों पर बोलकर और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में सहभागी होकर गौतम गंभीर आज भी हम भारतीयों का दिल जीतते रहते हैं। इसी कड़ी में इस बार उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के सम्मान की लड़ाई के लिए खुद उनके जैसे कपड़े पहने हैं। और इन कपड़ो में उनकी तस्वीर ने सोशल मीडिया में पर उनके लिए प्यार की बरसात कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, पूर्व भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर ‘हिजड़ा हब्बा’ के 7वें एडिशन के उद्घाटन के दौरान हिजड़ा समुदाय की वेशभूषा में नजर आए। इस समारोह में उन्होंने अपने माथे पर बिंदी लगाकर और गले में ओढ़नी डालकर हिजड़ा समुदाय के साथ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ उनके सुर में सुर मिलाया। समारोह में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा, “औरत या मर्द बनने से कहीं ज्यादा अहम है एक अच्छा इंसान बनना।”
हिजड़ा हब्बा समारोह में उनकी बिंदी और ओढ़नी वाली वेशभूषा की तस्वीर जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पहली नजर में तो सब चौंक गए कि आखिर माजरा क्या है। लेकिन जब लोगों को यह पता चला कि गौतम गंभीर ने हिजड़ा समुदाय को उनके सम्मान की लड़ाई में अपना समर्थन देने के लिए इस तरह के कपड़े पहने हैं, तब मानों सोशल मीडिया पर सब एक ही बात कहनें लगे कि, ‘एक ही तो दिल है गौतम सर, उसे कितनी बार जीतोगे।’ सच में! इस बार गौतम ने अपने इस कदम से हम सभी का मन मोह लिया।

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