पैसे और पोस्टिंग के लिए फेक एनकाउंटर करने की बात कैमरे पर कबुलने वाले तीन पुलिस अधिकारी निलंबित

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पिछले एक साल में डेढ़ हजार से ज्यादा एनकाउंटर कर भारत भर में चर्चा का विषय बनने वाली उत्तरप्रदेश पुलिस इन दिनों इन्हीं एनकाउंटर्स को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बंपर जीत मिलने के बाद सूबे के मुखिया बने योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को अपराध मुक्त करने के नाम पर पुलिस को अपराधियों का एनकाउंटर करने की खुली छूट दे रखी थी।
शुरुआत में जब एक के एक बाद होते मुठभेड़ में कथित अपराधियों को ढेर किया जा रहा था जब प्रदेश की सरकार में इसे अपनी कामयाबी बता कर पेश कर रही थी। वहीं समूचा विपक्ष इन एनकाउंटर्स की वैधता पर सवालिया निशान लगा रहा था। शुरू में तो जनता और मीडिया ने विपक्ष के सवालों को अनुसना कर दिया। लेकिन हाल ही में जब इंडिया टुडे ने योगी आदित्यनाथ के ‘एनकाउंटर राज’ के राज का स्टिंग ऑपरेशन कर उसे कैमरे में कैद कर लिया। तो उत्तरप्रदेश से लेकर केंद्र तक में हड़कंप मच गया।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, एक स्टिंग आॅपरेशन में आगरा जनपद के बसेई जगनेर थाना प्रभारी जगदंबा सिंह कैमरे पर यह बोलते हुए देखे जा रहे हैं कि, “थाना का चार्ज पाने के लिए कोई कुछ भी कर सकता है। हत्या कर सकता है। पैसे दे सकता है। अपने पावर का गलत इस्तेमाल कर सकता है। आज के समय में मीडिया की पहुंच इतनी बढ़ गई है, इसके बावजूद एनकाउंटर हो रहा है। यूपी पुलिस दुनिया की सबसे ताकतवर पुलिस है। जो चाहे कर सकती है। जिसको चाहे पकड़कर कुछ भी कर दे। एनकाउंटर तक कर दें। हम जो भी चाहे कर देते हैं। यूपी में पॉवर का दुरूपयोग आम बात है। एनकाउंटर में कौन हिस्सा लेगा, इसकी जानकारी हमारे कप्तान (एसएसपी) को होती है। बिना कप्तान की सहमति से एनकाउंटर नहीं होता।”
इसके अलावा जब इंडिया टुडे का खुफिया कैमरा बसाई थाना के सब इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने सामने गया तो उन्होंने भी अपनी बैचेनी जाहिर करते हुए चौकानें वाली बात कही। उन्होंने कहा, “मैं शहरी क्षेत्र में पोस्टिंग के लिए फर्जी एनकाउंटर तक करने को तैयार हूं। बदमाश को पकड़ कर गुप्त जगह रखा जाएगा। कोई जान भी नहीं पाएगा। समय आने पर उसे मार देंगे।” समाचार चैनल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में एनकाउंटर को लेकर सामने आई इस तरह की जानकारी ने नया बवाल खड़ा कर दिया। उधर विपक्ष इस मसले को लेकर सरकार पर हमलावर इससे पहले ही त्वरित कार्रवाई करते हुए डीजीपी के निर्देश पर आगरा के बसई जगनेर थाने के कोतवाल जगदंबा प्रसाद, दरोगा बलवीर सिंह और आगरा के ही चित्राहाट थाने के दरोगा सर्वेश सिंह को निलंबित कर दिया गया।
गौरतलब है कि यूपी में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद यूपी पुलिस 1500 से अधिक एनकाउंटर कर चुकी है। इन एनकाउंटर में लगभग 60 लोग मारे गए हैं, जबकि 400 से आसपास पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। अकेले आगरा जोन की पुलिस 400 एनकाउंटर कर चुकी है।

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