तेलंगाना में चंद्रशेखर राव को रोकने के लिए कांग्रेस ने किया टीडीपी और सीपीआई से गठबंधन

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तेलंगाना राष्ट्र समिति पार्टी द्वारा समय से पहले तेलंगाना विधानसभा भंग करने के बाद से राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां अचानक से बहुत तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद चंद्रशेखर राव भले राज्यपाल के आदेश पर फिलहाल राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने हुए हैं लेकिन जल्द होने वाले चुनावों के मद्देनजर विपक्षी पार्टीयों ने मुख्यमंत्री पद पर अपना कब्जा जमाने के लिए टीआरएस के खिलाफ एकजुट होना शुरू कर दिया है। हालांकि, एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात कर रहीं इन पार्टीयों में से कौन-कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इसको लेकर अभी कुछ तय नही हुआ है।
जिस तरह राष्ट्रीय राजनीति में मोदी को हराने के लिए महागठबंधन बनाने की कोशिशें की जा रहीं हैं, ठीक उसी तर्ज पर तेलंगाना में भी चंद्रशेखर राव की सरकार को राज्य की सत्ता में दोबारा आने से रोकने के लिए कांग्रेस, तेलुगु देशम पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने ‘महा कूटमी’ (महागठबंधन) बनाने का फैसला किया है। यह गठबंधन अपने आप में खास है क्योंकि इस गठबंधन में कांग्रेस के साथ तेलुगु देशम पार्टी भी साथ खड़ी हैं। और तेलुगु देशम पार्टी वह पार्टी है जिसकी स्थापना ही 1982 में कांग्रेस के विरोध में हुई थी। ऐसा पहली बार होगा जब 1982 में कांग्रेस विरोध में बनी पार्टी टीडीपी कांग्रेस से ही हाथ मिलाने जा रही है।
तेलंगाना में होने वाले आगामी चुनावी में चंद्रशेखर राव की टीआरएस को रोकने के लिए इस गठबंधन का ऐलान मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी, टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष एल रमन्ना और सीपीआई के राज्य सचिव सी वेंकट रेड्डी ने अपनी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ हैदराबाद के बंजारा हिल्स इलाके में स्थित एक होटल में चार घंटे तक चली मुलाकात के बाद किया गया। बैठक के बाद पीसीसी अध्यक्ष रेड्डी ने कहा, “हमने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए ‘महा कूटमी’ बनाने का फैसला किया है। हम इसके मॉडल पर विचार कर रहे हैं। हम दूसरे समान विचार वाले दलों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। हमारी तेलंगाना जन समिति, सीपीएम आदि से बातचीत चल रही है।”

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