जानिए पुराने समय में सजा-ए-मौत देने के लिए अपनाए जाने वाले 10 सबसे क्रूरतम तरीके।

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जानिए पुराने समय में सजा-ए-मौत देने के लिए अपनाए जाने वाले 10 सबसे क्रूरतम तरीके।
अगर पृथ्वी पर सबसे क्रूर प्राणियों की सूची बनाई जाए तो हम मनुष्य ना सिर्फ पहले पायदान पर होंगे बल्कि इस लिस्ट में हमारे आसपास दूर-दूर दूसरा कोई और दिखाई भी नही देगा। नही….मैं इंसानों को लेकर किसी तरह के दुराग्रह या फिर नकारात्मक मानसिकता से ग्रस्त होकर यह बात नही कह रहा हूँ। ऐसा कहने के पीछे एक ठोस आधार है।
आपने जंगल में एक जानवर को दूसरे जानवर का शिकार करते हुए देखा होगा। लेकिन क्या कभी किसी शेर को किसी हिरन पर सिर्फ उसे तड़पाने के उद्देश्य से हमला करते हुए देखा है? क्या आपने कभी ऐसा होते हुए देखा या सुना है कि कोई बिल्ली चूहे के चारो टांग उसके शरीर से अलग कर उसे तड़पता देख खुशी से नाच रही है? जी नही, आपने कभी ऐसी खबर नही सुनी होगी। लेकिन मैं दावे से कह सकता हूँ कि अपने एक आदमी द्वारा दूसरे आदमी के लाश के 100टुकड़े करने, किसी के सिर को पत्थर से कुचल देने की घटनाओ के बारे में बहुत बार सुना होगा।
ऐसा क्यों? क्योंकि इंसानों की तरह जानवर बदले के भाव से हत्या नही करते। इसलिए जानवर हिंसक तो होते है लेकिन इंसानों की तरह क्रूर और ज़ालिम नही। हमे यहां समझना होगा कि मुर्गे को काटकर  उसे पका कर खाना एक चीज है और किसी मुर्गे को पत्थरो से मारते हुए उसे तड़पा तड़पा कर मारना दूसरी चीज। तो आइए आज हम जानते है अपने पूर्वजों द्वारा इंसानों को दर्दनाक मौत देने के लिए ईजाद किए गए उन 10 खौफ़नाक तरीकों के बारे में जिन्हें जानकर आपकी रूह कांप जाएगी।
1)crucifixion
यह वही तरीका से जिसका इस्तेमाल ईशा मसीह को सजा देने के लिए किया गया था। इसमे आदमी के दोनों हाथों और पैरों में कील ठोक उसे लकड़ी से बने एक बड़े से क्रॉस से लटका दिया जाता है। इस तरह की मौत बेहद धीमी और दर्दनाक होती है। आदमी तीन से चार दिनों के भीतर दर्द से कराहते हुए मौत को गले लगा लेता है।
2)कॉफिन टॉर्चर
आदमी को मौत के सजा देने के लिए लोहे से बने इस तरह के पिंजरों का इस्तेमाल मध्ययुग में काफी आम था। इसमे होता यह था कि पतले-पतले पिजरों में मोटे-मोटे आदमी को बंद कर उसे जमीन से कुछ ऊँचाई पर तब तक लटका दिया जाता था। जब तक भुख प्यास से उसकी मौत और फिर मौत के पश्चात उसकी लाश को चील कौवे ना खा जाए।
3)Guillotine
फ्रांसीसी राज्यक्रांति याद है आपको? कैसे क्रांति होने के ठीक बाद क्रांतिकारियों ने फ्रांस के तत्कालीन राजा लुई सोलहवें का गिलोटिन पर सर कलम कर दिया गया था। गिलोटिन यह एक धारदार ब्लेड से बना होता जो रस्सियों से बंधा होता है। जिसका सिर धड़ से अलग करना हो उसके सिर को लड़की के फ्रेम पर गिलोटिन के ठीक नीचे रखा दिया जाता है। क्योंकि इसमें सिर धड़ से एक झटके में अलग हो जाता है। इसलिए यह एक तरह से दर्दरहित होता है।

4)चूहों को टॉर्चर
धीमी मौत देने का यह भी एक रूह कंपा देने वाला तरीका है। इसमें व्यक्ति के पेट के ऊपर चूहों से भरा एक पिंजरा रख दिया जाता है। फिर उस पिंजरे के ठीक ऊपर जलती हुई कोई चीज रख दी जाती है। इससे होता यह है कि चूहे गर्मी से बचने के लिए यहां वहां भागने लगते है और फिर कोई रास्ता न मिलता देख आदमी के पेट को अपने नुकीले दांतो से कुरेदने लगते है। इसके चलते पीड़ित आदमी को असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है।

5)सीमेंट के जूते
सुनने में अटपटा जरूर लगे लेकिन जूते पहनाकर भी लोगो को मौत के घाट उतारा जा सकता है। बस शर्त यह है कि जूते चमड़े के न होकर सीमेंट के हो। इसमे होता यह है कि आदमी के दोनों पैरों को एक खाली ब्लॉक में रखा जाता है। फिर उसमें गीला सीमेंट डाल से भर दिया जाता है। सीमेंट के सूखने के बाद जब उस आदमी के पैर ब्लॉक के अंदर अटक जाते है। तब उस आदमी को समुन्द्र में फेंक दिया जाता है।

6)घसीटो, लटकाओ, काटो और जलाओ
पुराने समय मे इंग्लैंड में यह सजा उन लोगो के लिए मुकर्रर की जाती थी जिनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलता था। इसमे पहले आदमी को घसीटकर सूली पर लाया जाता था फिर उसे लगभग बेजान हो जाने तक लटकाया जाता था। इसके बाद उसके जननांगों को जलाया जाता और फिर उसके शरीर के चाट टुकड़े कर दिए जाते थे।

7)Saw Torture
इसमे आदमी को उल्टा लटका दिया जाता है। इससे होता यह है कि शरीर का सारा खून सीधा दिमाग मे दौड़ने लगता है। नतीजतन लंबे टॉर्चर के बावजूद आदमी की सांसें चलती रहती है। दिल दहला देने वाला दर्द देने के लिए आदमी के जननांगों को काट दिया जाता है। इतना ही नही तो उसके शरीर को आधा काट कर रहे भयंकर दर्द में तड़पने के लिए छोड़ दिया जाता है।

8)यातनाओं की कुर्सी
आम तौर पर कुर्सी का इस्तेमाल आराम करने के लिए किया जाता है। लेकिन जैसा कि नाम से ही मालूम पड़ रहा है कि इसे लोगो को यातनाएं देने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इस तरह की कुर्सी में 500 से 1500 नुकीले कांटे लगे होते है। कभी-कभी तो इसे नीचे से गर्म कर इसपर बैठेने वाले के दर्द को सैकड़ो गुना बढ़ा भी दिया जाता है।

9)the rack
इस तकनीक में गोल घूमते पहिए में रस्सी से रस्सी से आदमी के दोनों हाथ एक तरफ और दोनों पैर दूसरी तरफ बांध कर उन्हें घुमाया जाता है।इससे होता यह है कि आदमी के दोनों हाथ और पैर शरीर से उखड़ कर अगल हो जाते है। लेकिन यह इतना आसान नही होता। पहिया घुमाने वाले को बहुत दम लगाना होता है। पहियों पर जितनी जान लगती है उससे बंधे आदमी की जीतनी ही जान निकलती है।

10)ब्रेजन बुल
प्राचीन ग्रीस में अपराधियो को मौत के घाट उतारने के लिए ब्रेजन बुल का इस्तेमाल बहुत आम था। इसमे होता यह था कि आदमी को सांड के अंदर डाल दिया जाता। इसके बाद उसके नीचे आग गया दी जाती। इससे होता यह कि पीड़ित उस आग के कारण जलने लगता है। जब वह अपनी असहनीय दर्द को चीख़ते हुए बयान करता है तब सांड का मुंह उसकी आवाज के लिए एम्पलीफायर का काम कराया है। सांड बनाने के पीछे का कारण भी यही रहता है।

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