जस्टिस रंजन गोगोई होंगे भारत के नए मुख्य न्यायाधीश

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सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा का कार्यकाल 2 अक्टूबर को समाप्त हो रहा हैं। इसके मद्देनजर केंद्रीय कानून मंत्रालय बने उनसे उनके उत्तराधिकारी और देश के मुख्य न्यायाधीश का नाम सुझाने के लिए कहा था। सूत्रों के अनुसार, चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस रंजन गोगोई का नाम सुझाया है। वैसें यह नाम थोड़ा चौकानें वाला है, क्योंकि रंजन गोगोई भी उन चार जजों के पैनल में शामिल थे, जिन्होंने वर्तमान मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के कार्यप्रणाली के खिलाफ पत्रकार वार्ता बुलाई थी।

लोकतंत्र के तीन सबसे अहम स्तंभों में से एक न्यायपालिका के सबसे उच्च पद पर यानी CJI के पद पर गोगोई की नियुक्ति 2 अक्टूबर को दीपक मिश्रा के इस पद से रिटायर होने के बाद 3 अक्टूबर को होगी। जस्टिस रंजन गोगोई 3 अक्टूबर को अगले साल नवंबर तक CJI बनने की शपथ लेंगे। भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश के बारे में आपको बता दें कि इनका जन्म 18 नवंबर, 1954 को असम में हुआ था। जस्टिस रंजन गोगोई ने साल 1978 से वकालत की शुरुआत की थी। उन्हें 2001 में गुवाहाटी हाई कोर्ट में जज के रूप में नियुक्ति मिली थी। इसके नौ साल बाद उनका ट्रांसफर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में हुआ। फरवरी 2011 जस्टिस गोगोई पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। 2012 के दौरान उन्हें सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति मिली थी।

चलिए जानते है भारत के भावी मुख्य न्यायाधीश द्वारा सुनाए गए कुछ अहम फैसले:

  • जाटों को केंद्रीय सेवाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के दायरे से बाहर करने वाली पीठ में थे शामिल
  • असम में घुसपैठियों की पहचान के लिए राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) बनाने का दिया निर्णय
  • सौम्या मर्डर मामले में ब्लॉग लिखने पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में किया था तलब
  • जेएनयू छात्रनेता कन्हैया कुमार के मामले में एसआईटी गठन से किया था इनकार
  • कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस कर्णन को छह महीने की कैद की सजा देने वाली पीठ में थे शामिल
  • लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा व विधान परिषद चुनावों के उम्मीदवारों को संपत्ति, शिक्षा व चल रहे मुकदमों का ब्योरा देने का आदेश देने वाली पीठ में थे शामिल
  • अनुसूचित जाति के एक आदमी को दूसरे राज्य में आरक्षण कोटे का लाभ नहीं दिए जाने का निर्णय सुनाया

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