गरीबों के साथ भद्दा मजाक है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जानिए क्यों?

504
एक मई 2016 को भारत सरकार ने बड़े जोर-शोर के साथ उत्तरप्रदेश के बलिया में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। सरकार इस योजना के जरिए गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों को 1600 रुपए का घरेलू रसोई गैस का कनेक्शन मुफ्त देती है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य आजादी के इतने साल बीत जाने के बावजूद आज भी खाना पकाने के लिए लकड़ी और गोबर के उपलों का उपयोग करने पर मजबूर लोगों तक रसोई गैस पहुंचाकर उन्हें हानिकारक धुंए से होने वाली खतरनाक बीमारियों से बचाना था। (प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल लासेंट के एक अध्ययन के अनुसार भारत में हर साल औसतन एक लाख लोगों की मौत इन्हीं धुओं के चलते होने वाली बीमारियों से हो जाती हैं।)
1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से शुरू हुई इस योजना के तहत सरकार ने पहले पांच करोड़ बीपीएल परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा था, जिसे सरकार ने निर्धारित समयावधि से करीब आठ महीने पहले दिल्ली निवासी तकदीरन को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के हाथों पांच करोड़ वां मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देकर पूरा भी कर लिया। अपने पहले लक्ष्य को समय से पहले पूरा कर लेने के बाद सरकार यहीं नहीं रुकी और उसने दूसरे चरण के तहत 2020 तक और तीन करोड़ बीपीएल परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया।
प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों को उज्ज्वला योजना से जुड़ी बात पहली बार लाल किले की प्राचीर से बताई थी। तब उन्होंने बताया था कि इस योजना का लक्ष्य आजादी के इतने साल बीत जाने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को चूल्हे के खतरनाक धुंए से आजाद नही मिली हैं। इन्हीं महिलाओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के तहत प्राथमिक चरण में पांच करोड़ बीपीएल परिवारों तक मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन पहुंचाकर उन्हें चूल्हे के धुंए से होने वाली जानलेवा बीमारियों से बचाने का लक्ष्य तय किया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना.
अब उज्ज्वला योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निर्धारित समयावधि से आठ महीने पहले ही पांच करोड़ बीपीएल परिवारों तक रसोई गैस पहुंचाने में तो सफल हो गए, लेकिन अफसोस कि इतनी ही बड़ी संख्या में बीपीएल परिवार चूल्हे के धुंए से मुक्त नही हुए। एक आंकड़े के अनुसार 1955 से 2014 तक भारत में सिर्फ 13 करोड़ परिवारों के पास रसोई गैस का कनेक्शन था, जबकि मोदी सरकार के सिर्फ साढ़े चार साल के कार्यकाल में 10 करोड़ नए गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके है। इसमें से अकेले 5 करोड़ कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना.
सरकार के इतने प्रयास के बाद इतने कम समय मे इतने अधिक लोगों तक गैस कनेक्शन तो पहुंच गया लेकिन जितनों को गैस कनेक्शन मिला, उसके आधे घर भी चूल्हे के धुंए से मुक्त नही हो पाए। इस बात पर खुद सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग भी अपनी मुहर लगाती है। नीति आयोग के अनुसार, आजादी के इतने साल बीत जाने के बावजूद देश के सिर्फ 28.6 फीसदी परिवार ही खाना पकाने के लिए रसोई गैस का इस्तेमाल कर रहे है। आज भी सबसे ज्यादा 49% भारतीय परिवार खाना पकाने के लिए ईंधन के रूप में लकड़ी को ही प्रयोग में लाते हैं। बाकी नौ फीसदी परिवार फसलों के अवशेष, आठ फीसदी परिवार गोबर के उपलों और तीन फीसदी परिवार मिट्टी के तेल की मदद से खाना पकाते है।
अब सवाल उठता है कि ऐसा क्यों? जब सरकार ने अपने अथक प्रयास से समयावधि से आठ महीने पहले ही 5 करोड़ बीपीएल परिवारों को 1600 रुपए वाला रसोई गैस कनेक्शन मुफ्त में दिलवा दिया है, फिर भी इन 5 करोड़ परिवारों में से अधिकतर के घरों के चूल्हे से आज भी धुंआ क्यों निकल रहा है? इसे समझने के लिए आपको ज्यादा माथापच्ची करने की जरूरत नही है क्योंकि इतना दिमाग तो आप खुद खर्च कर सकतें है कि जो बीपीएल परिवार सिर्फ 1600 रुपए जुटाकर सालों तक रसोई गैस का कनेक्शन ले पाने में असमर्थ रहा। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाला वो परिवार आखिर हर महीने रसोई गैस भरवाने के लिए 900 रुपए कहां से लाएगा?
क्या मोदी सरकार को इतनी छोटी-सी बात समझ में नही आई कि मात्र 1600 रुपए वाले रसोई गैस के कनेक्शन के लिए सरकार पर निर्भर रहने वाला गरीब परिवार आखिरी हर महीने गैस सिलेंडर के लिए 900 रुपए कहां से लाएगा। और इतना ही नही, हम आपकों बता दें कि सरकार उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी के नाम पर गरीबों को आगे के दरवाजे से जो 1600 रुपए दे रही है, वो मदद दरअसल एक धोखा है। धोखा इसलिए क्योंकि गैस कनेक्शन लेते वक्त सरकार की तरफ से गरीबों को जो 1600 रुपए की कथित छूट मिलती है, वो पिछले दरवाजे से पेट्रोलियम कंपनियां बीपीएल परिवारों के जेब से निकाल भी लेती हैं।
वो ऐसे कि उज्ज्वला योजना के तहत मुफ़्त कनेक्शन लेने वाले बीपीएल परिवारों को पहले छह सिलेंडर पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी से वंचित रखा जाता है। मतलब है कि एक हाथ से दुनिया के सामने ढिंढोरा पीटकर 1600 रुपए दो और फिर दूसरे हाथ से बड़े गुपचुप तरीके से उनसे 1600 रुपए वापस छीन भी लो। इस योजना से लाभान्वित होने वाले ज्यादातर परिवारों की यही शिकायत है कि हर महीने गैस सिलेंडर भरवाने के लिए वह 900 रुपए कहां से लाए? और अगर वह इतने ही सक्षम होते तो अपने ही पैसो से गैस कनेक्शन नही ले लेते? 1600 रुपए के लिए सरकारी मेहरबानी पर निर्भर क्यों रहते।
आपकों बता दें कि हर महीने 900 रुपए का गैस सिलेंडर ना भरवा सकने के चलते उज्ज्वला गैस योजना से लाभान्वित 80% लोग साल में सिर्फ एक ही बार गैस सिलेंडर भरवाते है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान स्वयं इस बात की तस्दीक करते है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थी एक साल में औसतन 3.5 सिलेंडर गैस का ही इस्तेमाल करते हैं। अब आप खुद यह अंदाजा लगाइए कि उज्ज्वला योजना से लाभान्वित हुए 80% बीपीएल परिवार अगर साल में सिर्फ एक बार गैस सिलेंडर भरवा रहें हैं, तो क्या उसी एक सिलेंडर से उनका पूरा साल निकल जाए रहा है? नहीं ना। क्योंकि एक आम परिवार अगर दिन में रसोई गैस पर दो टाइम भी खाना पकाए, तो वो महीने भर में समाप्त हो जाएगा। इसके बाद 900 रुपए में दूसरा गैस सिलेंडर खरीदने की कूवत न होने के चलते उसे दोबारा लकड़ी के चूल्हे की तरफ ही लौटने के लिए विवश होना पड़ेगा।
यानी यह बात तो साफ हो गई है कि अगर उज्ज्वला योजना से किसी को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है, तो वह उज्ज्वला योजना के तहत मुफ़्त कनेक्शन बांटकर अपनी छवि चमकाने वाली भारत सरकार का हुआ है ना कि इस योजना के तहत कथित मुफ्त गैस कनेक्शन पाने वाले पांच करोड़ बीपीएल परिवार का। क्योंकि भारत सरकार अपनी योजनाओं पर हजारों करोड़ खर्च करके आपकों यह तो बात देगी कि उसने उज्ज्वला योजना के तहत पांच करोड़ बीपीएल परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिलवा दिया। लेकिन सरकार यह नही बताएगी कि उज्ज्वला योजना के तहत कथित मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन पाने वाले ज्यादातर लोग आज भी लकड़ी और गोबर के उपलों पर ही खाना पकाने को विवश हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना.
~ रोशन ‘सास्तिक’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here