केरल के 150 सरकारी स्कूल में बच्चों को Fake News को लेकर किया जा रहा है जागरूक

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मार्क ट्वेन का एक कथन है- ‘If you don’t read the newspaper, you’re uninformed. If you read the newspaper, you’re mis-informed.‘ इसका हिंदी में यह मतलब है कि अगर आप समाचार पत्र नही पढ़ते है तो आपके पास जानकारियों का अभाव होगा, लेकिन अगर आप समाचार पत्र पढ़ते है तो इस स्थिति में आपके पास गलत जानकारियों का भंडार होगा। मार्क ट्वेन के इस कथन से यह साबित होता है कि जिस PostTruth शब्द को हमने हाल में ही ईजाद किया है, वैसे हालात एक लंबे अरसे है।

आज अगर हम अपने आसपास नजर उठाकर देखे तो हमें खबरों से ज्यादा अफवाहों का भंडार नजर आएगा। किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा जानबूझकर झूठ को सच बनाकर बताने और फिर सच बोलकर बताए गए झूठ को लोगों के समूह द्वारा सच मानने के कारण अनगिनत बार खतरनाक परिणाम सामने आए है।सोशल मीडिया द्वारा फैलाए गए Fake News के चक्कर मे फंसकर हमनें कभी किसी के फ्रिज में मांस होने के शक में उसे घर में घुसकर मार दिया तो कभी किसी राह चलते अंजान शख्स को बच्चा चोर समझकर पीट दिया।

सोशल मीडिया पर Fake News के जरिए फैलाए जा रहे इसी नफरत से भारत के कल के भविष्य को सचेत करने के लिए केरल के कन्नूर जिले के कलेक्टर मीर मोहम्मद अली ने ‘सत्यमेव जयते’ नाम से एक नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत अकेले कन्नूर जिले के 150 सरकारी स्कूलों में इन दिनों बच्चों को Fake News के अलग-अलग पहलुओं से रूबरू कराया जा रहा है। बच्चों को बताया जा रहा है कि Fake News आखिर होता क्या है, इसके नुकसान क्या है, इसे कैसे पहचाना जा सकता है। इतना ही नही तो बच्चों को Fake News और Real News में अंतर करने के आसान तरीके भी बताए जा रहें हैं।

कन्नूर जिले के कलेक्टर मीर मोहम्मद अली ने अपने इस पहल की आवश्यकता और महत्वता को साबित करने के लिए केरल में पिछले दिनों आई तबाही को लेकर फैली अफवाहों का हवाला दिया। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ समय पहले जब केरल में इबोला का प्रकोप छाया था, तब कैसे कुछ लोगों ने यह अफवाह उड़ा दी कि बच्चों को इबोला का टीका लगाने से बड़े होकर बच्चे नपुंसक हो जाएंगे बल्कि हकीकत में ऐसा कुछ भी नही था। उल्टे अगर बच्चों को इबोला का टीका नही दिया जाए, तब उनके प्रजनन क्षमता पर कुप्रभाव पड़ने की संभावना ज्यादा रहती है।

अपने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए कलेक्टर मोहम्मद अली ने बताया कि उन्होंने Fake News के खिलाफ अपनी लड़ाई का शुभारंभ 13 जून को कर दिया था। 8वीं से 12 वीं क्लास तक के बच्चों को सोशल मीडिया के जरिए फैलाए जाने वाले Fake News से सचेत करने के लिए पहले जिले के 150 सरकारी स्कूलों के टीचरों को तैयार किया गया। इन टीचरों को Fake News से जुड़े सारी आयामों की जानकारी दी गई और फिर इन शिक्षकों के जरिए सभी बच्चों तक Fake News के खिलाफ लड़ाई का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

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