करीब-करीब हारा हुआ मैच राहुल और ऋषभ के शतक के बावजूद जीतते-जीतते हार गया भारत

186
भारत और इंग्लैंड के बीच ओवल में खेले जा रहे सीरीज के पांचवें टेस्ट मैच के अंतिम दिन इंग्लैंड ने भारत को 118 रन से हराकर ना सिर्फ मैच जीता बल्कि इस जीत के साथ ही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज भी 4-1 से अपने नाम कर ली। इस सीरीज के पहले दो मुकाबले गंवाने के बाद भारत ने जब तीसरा टेस्ट मैच जीता तो ऐसा लगा कि शायद भारत इस बार इतिहास रच सकता है। लेकिन इस बार भी भारतीय टीम का वही हश्र हुआ जो इंग्लैंड दौरे पर हर बार होता आया है। तीसरा टेस्ट मैच जीतने के बाद भारत ने अगले दो मुकाबले भी पहले दो मुकाबलों की तरह गंवा दिए। और वनडे के बाद टेस्ट सीरीज में भी मात खा गई।
बाकी आखिरी टेस्ट मैच के पांचवे दिन का खेल रहा बड़ा दिलचस्प। चौथे दिन जब इंग्लिश टीम ने 423/8 के स्कोर पर अपनी पारी घोषित कर पहली पारी में हासिल हुए 40 रनों की बढ़त के आधार पर भारत के सामने जीत के लिए 464 रनों के पहाड़ से लक्ष्य रखा। तब किसी को यह उम्मीद नही थी कि भारत इस लक्ष्य के नजदीक भी पहुंच पाएगा। और जब चौथे ही दिन भारत ने अपने तीन सबसे अहम विकेट सिर्फ 2 रन पर ही गंवा दिए, तो ऐसा लगा कि भारतीय टीम शायद 100 रनों के अंदर ही ना सिमट जाए। हालांकि, इसके बाद चौथे विकेट के लिए लोकेश राहुल और अजिंक्य रहाणे के बीच 118 रनों की बढ़िया साझेदारी हुई। इस जोड़ी ने भारत के सिर से हार ना सही लेकिन शर्मनाक हार का संभावित खतरा तो कम से कम टाल ही दिया था।
लेकिन इन दोनों के बीच की शानदार साझेदारी का उतना ही भयानक अंत भी हो गया। चौथे विकेट के लिए 118 रन जोड़कर भारत को संकट से उबारने वाली इन जोड़ी का अंत मोइल अली ने अजिंक्य रहाणे को आउट कर किया। अजिंक्य ने मोइन अली की गेंद पर जेंनिंग के हाथों में अपना विकेट थमाने से पहले 106 गेंदों में 37 रनों की पारी खेली। भारत को इस झटके से उबारने के लिए मैदान पर उतरे पहली इनिंग में अर्धशतक जड़ने वाले हनुमा विहारी। लेकिन आशा के उपरीत हनुमा छठवीं ही गेंद पर बिना खाता खोले बेन स्टोक्स का शिकार हो गए। इन तरह 120 पर ही भारत की आधी टीम पवेलियन लौट गई। इस समय ऐसा लगा कि ज्यादा से ज्यादा 200 रन तक पहुंचते-पहुंचते भारत के सभी 10 बल्लेबाज पवेलियन पहुंच जाएंगे। लेकिन ऐसा नही हुआ और पांचवा विकेट गिरने के बाद मैदान पर उतरे युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत और सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल के बीच छठवें विकेट के लिए चमत्कार हुआ।
विकेटों के बारिश के बीच में इन दोनों ने खेल का रुख कुछ ऐसा मोड़ा की इंग्लिश गेंदबाजों के लिए विकटों का सूखा पड़ गया। दोनों मैदान पर खूंटा गाड़कर खड़े हो गए। नतीजतन दोनों ने न सिर्फ अपना-अपना शतक पूरा कर लिया बल्कि देखते-ही-देखते दोनों के बीच छठवें विकेट के लिए 200 रनों की अकल्पनीय साझेदारी भी हो गई। इन दोनों की इस साझेदारी के चलते एक समय ऐसा लगने लगा कि अब शायद भारत यह हारा हुआ मैच जीत भी सकता है। लेकिन ऐसी संभावना के जन्म के तुरंत बाद दोनों बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। पहले 149 रन बनाकर खेल रहे लोकेश राहुल आदिल राशिद की घूमती हुई गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए और फिर 114 रन जुटा चुके ऋषभ पंत भी आदिल की ही गेंद पर मोइन अली को अपना विकेट थमा बैठें।
पहले 325 पर छठवां और फिर 328 पर सातवां विकेट गंवा देने के बाद यह लगभग तय हो गया कि भारत ने करीब-करीब हारा हुआ मैच जीतते-जीतते गंवा दिया है। और आखिरी में हुआ भी यही। लोकेश राहुल और ऋषभ पंत के आउट होने के बाद कोई भी भारतीय खिलाड़ी ज्यादा देर तक इंग्लिश गेंदबाजों के आगे टिक नही पाया और पूरी भारतीय टीम 345 रनों पर आउट हो गई। नतीजतन भारतीय टीम यह मुकाबला इंग्लैंड के हाथों 118 रनों से हार गई। वैसे इंग्लैंड ने जब चौथी पारी में भारत के सामने जीत के लिए 464 रनों के लक्ष्य रख दिया था, तब ही भारत की हार लगभग तय हो गई थी। लेकिन पहले लोकेश राहुल और अजिंक्य रहाणे के बीच चौथे विकेट के लिए हुए शतकीय और फिर लोकेश राहुल और ऋषभ पंत के बीच छठवें विकेट के लिए हुए 200 से अधिकों रनों की साझेदारी ने मैच में भारत की उम्मीदों के जिंदा कर दिया था। हालांकि, अंत में नतीजा भारत के खिलाफ ही आया।
रोशन ‘सास्तिक’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here