उदयपुर: शब्दों के सहारे घूमिए झीलों की नगरी उदयपुर

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सही मायनो में उदयपुर की सुंदरता आपको देखनी है, तो किसी झील के पास हॉटल में कमरा बुक कर लीजिए। इसमें कोई दोहराय नहीं कि उदयपुर में मार्केट बहुत सुंदर है, पर कभी-कभी अपनी आवाज सुनने के लिए थोड़ी-सी शांति भी ज़रूरी है। जब मैं उदयपुर गया था, तब मैं वहां हॉटल राम प्रताप पेलेस में रुका था। हॉटल बहुत सुंदर था। हॉटल को किसी पुराने महल के समान बनाया गया था, होटेल के हर एक कोने में रजवाडी महल जैसी शिल्पकारिकता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। मैं जब भी अपने कमरे के सामने एक शांत झील को एकटक देखता, तब निरंतर मेरे मन में यही ख्याल आता कि शहर के भाग-दौड़ मैं क्या और कितना कुछ छूट रहा है। udaipur

उदयपुर पहुँचने के बाद अगर यातायात के साधन की बात की जाए तो मैं हमेशा से बाईक को कार या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ज़्यादा प्राथमिकता देता हूँ। अगर आप अपने परिवार के साथ हो तो आपको वहाँ लगभग १५०० रुपय प्रतिदिन के हिसाब से कार मिल जाएगी। वहीं बात करे बाईक की तो ऐक्टिवाँ ४०० और अन्य मोटर साइकल ६०० से ७०० रुपय प्रतिदिन के दर से मिल जाएगी। आप जगदीश मंदिर के समीप बाज़ार से गाड़ियाँ भाड़े पर ले सकते है।

तो अब बात करते है आपकी, अगर आपको उदयपुर जाना है तो आप कहाँ कहाँ जा सकते हैं, कितने दिन का सफ़र सही होगा….. udaipur

नाम सुनते ही ज़हन में बड़ी-बड़ी झीलें और पहाड़ आ जाते हैं! वाकई में इसीलिए तो उदयपुर को राजस्थान की जन्नत कहा गया है| वेसे तो अक्सर लोग उदयपुर एक या दो दिन में घूम कर आ जाते हैं| लेकिन अगर सही मायनों में देखा जाए तो उदयपुर और उसके आसपास की जगहों को ढंग से घुमने के लिए आपको कम से कम पांच दिनों (5 Days) का वक्त लग सकता है| इसलिए अगर उदयपुर आने का मन बना रहें हैं तो ज़रा छुट्टियाँ बढ़ा कर आइयेगा !

तो चलिए अब जानते हैं उदयपुर और इसकी खूबसूरती के बारे में….

उदयपुर (Udaipur) राजस्थान का एक छोटा सा जिला है, जो अपने आप में अपनी बेहद शानदार खूबसूरती के लिए जाना जाता है! उदयपुर पहुँचने के लिए आप हवाई मार्ग, रेलवे और सड़क मार्ग का उपयोग कर सकते हैं| उदयपुर हवाईअड्डा (Udaipur Airport) उदयपुर से लगभग 20 km दूर डबोक में स्थित है| जहा से जयपुर, जोधपुर, दिल्ली, मुंबई और औरंगाबाद जैसे बड़े शहरों से हवाई यात्रा की जा सकती है| सड़क मार्ग से उदयपुर राष्ट्रिय राजमार्ग 8 (NH 8) से पहुंचा जा सकता है|

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उदयपुर में घुमने वाली जगहें (Place to Visit in Udaipur)

वैसे तो उदयपुर को झीलों की नगरी (Udaipur-CIty of lakes) कहा जाता है, लेकिन झीलों के अलावा उदयपुर अपनी राजस्थानी शैली को भी बड़े बखूबी ढंग से प्रदर्शित करता है|

तो चलिए आपको सैर कराते हैं उदयपुर की…..Place to Visit in Udaipur


सज्जन गढ़ या मानसून भवन (Sajjangadh or Mansun Bhavan Udaipur)
सज्जनगढ़ एक पहाड़ी पर स्थित है जहाँ कार या जीप (जीप किराए से मिल सकती है) से जाया जा सकता है| सज्जनगढ़ का निर्माण महाराजा सज्जन सिंह जी मानसून पर निगरानी के लिए करवाया था इसीलिए इसे मानसून पैलेस के नाम से भी जाना जाता है| सज्जनगढ़ के निचे एक अभ्यारण है जहाँ जंगल सफारी का आनंद लिया जा सकता है| मानसून भवन से झीलों का नज़ारा अलग ही दिखाई पड़ता है| शाम के वक्त सज्जनगढ़ दुधिया रौशनी में एक किले के सामान दिखाई पड़ता है| अगर आप पहाड़ और उसकी ऊंचाई से उदैपुर को देखना चाहते है तो एक बार सज्जनगढ़ ज़रूर जाए|
जगदीश मंदिर उदयपुर (Jagdish Mandir Udaipur)
सिटी पैलेस से बहार निकलते ही आपको एक भव्य मंदिर का गुम्बद दिखाई देगा, जिसे जगदीश मंदिर के नाम से भी जाना जाता है| जगदीश मंदिर उदयपुर का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है| यह सिटी पैलेस से महज कुछ कदम की दुरी पर ही स्थित है इसलिए इसे सिटी पैलेस परिसर में ही माना जाता है| यह मंदिर उदयपुर के महाराणा जगत सिंह द्वारा बनाया गया था| मंदिर में भगवन विष्णु की चार हाथो वाली प्रतिमा के दर्शन किये जा सकते हैं|
सिटी पैलेस उदयपुर(City Palace Udaipur)
उदयपुर (Udaipur) के बीचो-बिच अपनी राजपूती शानो-शोकत को बरकरार रखता उदयपुर का सिटी पैलेस मानो यहाँ आने वाले हर मुसाफिर को यही कह रहा हो “पधारो म्हारे उदयपुर” ! साल 1959 में महाराणा उदय सिंह ने पिछोला झील के किनारे राजपूत शैली के इस भव्य महल का निर्माण करवाया| सिटी पैलेस से पुरे उदयपुर शहर को देखा जा सकता है| सिटी पैलेस में कई द्वार है, लेकिन बड़ा पोल या ग्रेट गेट महल का मुख्या द्वार है| कहा जाता है की इसी गेट के सामने कभी हाथियों की लड़ाई होती थी| सिटी पैलेस की भव्यता और खूबियों से सैलानियों को अवगत करवाने के लिए गाइड की सुविधा भी उपलब्ध है|
उदयपुर की झीलें (Lakes of Udaipur)

वैसे तो उदयपुर में कई झीलें है, इसीलिए इस शहर को झीलों का शहर कहा जाता है| लेकिन उदयपुर में सबसे खास कुल सात झीलें हैं|
पिछोला
दुध तलाई
स्वरुप सागर
गोवर्धन सागर
फतह सागर
रंग सागर
कुमारी तालाब
इन झीलों को उदयपुर की बहने भी कहा जाता है क्यों की यह उदयपुर की जीवन रेखा है|यह झीलें उस ज़माने की इन्जिनीरिंग का एक बेजोड़ उदाहरण है, एक झील में पानी ज्यादा होने पर उसका पानी अपने आप दूसरी झील में चला जाता है|

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