आधार से भारत को 90 हजार करोड़ से ज़्यादा का लाभ, आधार नंबर विवाद पर गूगल ने मांगी माफ़ी

111

पैसे की बचत के मामले में आधार ने भारत को काफ़ी हद तक फ़ायदा पहुंचाया है। UIDAI ने रविवार को अपने आधिकारिक ट्वीटर एकाउंट पर ट्वीट किया है कि आधार ने देश को 90,000 करोड़ से ज़्यादा की बचत करने में मदद की है। लीकेज को रोकने और गरीबों के लिए माली मदद(subsidy) और लाभ को अपनाने से ऐसा संभव हो सका है। UIDAI ने आधार से हुए इस लाभ के अन्य रास्तों को समझाने के लिए एक के बाद एक ट्वीट्स किए।

कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग, बेनामी खातों और नाम भर की कंपनियों पर नकेल कसने में की है मदद

“सबको पता होना चाहिए कि आधार हमारे देश के लिए भारी लाभ का कारक है। लीकेज को रोकने और गरीबों के लिए माली मदद(subsidy) और लाभ को अपनाने से 90,000 करोड़ से ज़्यादा की बचत हुई है। इसने देश की 121 करोड़ जनता को विश्वसनीय और सुरक्षित पहचान से सशक्त बनाया है। यह कहीं भी, किसी भी समय और ऑनलाइन स्वतंत्रता पूर्वक इस्तेमाल किया जा सकता है।” बिना किसी दलाल के लोग अपने सही हक़ को सीधे अपने बैंक खाते में पाने में सक्षम हैं। इसने कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग, बेनामी खातों और नाम भर की कंपनियों पर नकेल कसने में मदद की है।

नियामक मंडल ने अफवाहों पर दी सफ़ाई

UIDAI उस वक़्त विवादों के केंद्र में आया था जब एक अननोन नंबर लोगों के एंड्रॉइड फ़ोन में आ गया था। यह नंबर कथित तौर पर UIDAI का हेल्पलाइन नंबर था। हालाँकि, नियामक मंडल ने जल्द ही अफवाहों पर सफ़ाई दी। नियामक मंडल ने कहा कि उसने किसी भी कंपनी को उपयोगकर्ता के फ़ोन में नंबर इंस्टाल करने के लिए नहीं कहा था।

आंतरिक समीक्षा का खुलासा, 2014 में हुई थी कोडिंग

इसके बाद, गूगल ने अनजाने में स्मार्टफोन के सेट अप विज़ार्ड में UIDAI के पुराने हेल्पलाइन नंबर और 112 हेल्पलाइन नंबर के लोड होने पर माफ़ी मांगी थी। एक गूगल स्पोक्सपर्सन ने एक बयान में कहा कि,” हमारी आन्तरिक समीक्षा ने खुलासा किया है कि साल 2014 में तत्कालीन UIDAI नंबर और स्ट्रेस हेल्पलाइन नंबर 112 अनजाने में भारत में इस्तेमाल किए जाने के लिए रिलीज़ किए गए एंड्रॉइड के सेटअप विज़ार्ड में कोड कर दिए गए थे। तब से ही ये कोड वहीं पर पड़े हुए हैं।

भविष्य में नहीं होगी ऐसी समस्या, गूगल ने दिलाया भरोसा

उन्होंने आगे कहा कि जब ये नंबर किसी मोबाइल उपयोगकर्ता के कांटैक्ट लिस्ट में मौजूद रहते हैं तब किसी नए मोबाइल फ़ोन पर कॉन्टैक्ट्स के मुताबिक ट्रांसफर हो जाते हैं। गूगल ने इसके लिए माफ़ी मांगी है औऱ कहा है कि इन नंबरों को फ़ोन से मैनुअली डिलीट किया जा सकता है। गूगल ने यह भी भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में अपने सेटअप विज़ार्ड के संस्करण में इन समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here