अश्विन की फिरकी के आगे नतमस्तक हुए इंग्लिश बल्लेबाज

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शुद्ध! दुनिया हमेशा शुद्ध चीजों की सबसे ज्यादा कदर करती है। फिर चाहे वह शुद्ध खाना हो, शुद्ध विचार हो या फिर शुद्ध क्रिकेट। शुद्ध क्रिकेट यानी टेस्ट क्रिकेट। जो लोग असल में क्रिकेट से प्यार करते हैं उनका इंतजार हमेशा टेस्ट क्रिकेट के लिए रहता है। क्रिकेट के ऐसे ही दीवानों का इंतजार खत्म हो गया है क्योंकी भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट मैच की शुरुआत हो चुकी है। कल इन दोनों टीमों के बीच पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खेला गया।
पहले टेस्ट मैच ने इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी करते हुए दिन का खेल खत्म होने तक 9 विकेट खोकर सिर्फ 285 रन ही बना पाई। अपनी सरजमीं पर टेस्ट खेल रही इंग्लैंड टीम की शुरुआत उतनी दमदार नही रही जिसकी इनको जरूरत थी। दिन के नौवें ओवर में ही इंग्लैंड को पहला झटका लग गया। भारतीय फिरकी की कमान संभाल रहे अश्विन ने इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक को 13 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया।

इसके बाद कप्तान जो रुट और जेंनिंग के बीच दूसरे विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी हुई। यह साझेदारी भारत के लिए सिरदर्द साबित होती इससे पहले ही मोहम्मद शमी ने जेंनिंग को 42 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर दिया। इंग्लैंड की टीम इस झटके से उबरती इससे पहले ही मोहम्मद शमी ने ही मलान को पगबाधा आउट कर इंग्लैंड को तीसरा झटका दे भी दिया। हालांकि इसके बाद कप्तान जो रुट और बैरस्ट्रोव के बीच शतकीय साझेदारी हुई।

इंग्लैंड को एक बड़े स्कोर की तरफ ले जाती इस साझेदारी का अंत भारतीय कप्तान कोहली ने इंग्लैंड के कप्तान जो रुट को रनआउट करके किया। जो रुट ने इस दौरान 80 रन की लाजवाब पारी खेली। रुट के आउट होने के बाद जल्द ही बैरस्ट्रोव भी 70 रन बनाकर उमेश यादव की धारदार गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। इसके बाद तो मानों विकटों का पतझड़ ही लग गया। एक समय जिस इंग्लैंड टीम का स्कोर 3 विकेट पर 215 रन था, उसके रनों की संख्या 283 पर पहुंचते-पहुंचते उसके 9 विकेट गिर गए।
आज जब मैच के दूसरे दिन की शुरुआत होगी तो पहले दिन 4 विकेट लेने वाले अश्विन, 2 विकेट लेने वाले मोहम्मद शमी और एक-एक विकेट चटकाने वाले इशांत और उमेश यादव सभी इसी प्रयास में होंगे कि जल्द से जल्द इंग्लैंड की पारी का दसवां विकेट लेकर उनकी पहली पारी समाप्त की जाए। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों पर यह जिम्मेदारी होगी कि वह अधिक से अधिक स्कोर खड़ा कर इंग्लैंड के खिलाफ बड़ी बढ़त बनाकर उनपर दबाव बनाए। अगर भारतीय बल्लेबाज ऐसा करने में सफल रहे तभी हम मैच जीतने के बारे में सोच सकते है।

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